गांधीजी की 157वीं और शास्त्रीजी की 122वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में गुप्ता ने कहा कि भारत की स्वतंत्रता का आधार गांधी का अहिंसा का मंत्र 'अहिंसा परमो धर्म' रहा है। उन्होंने जोर दिया कि आज के दौर में जब देश को बाहरी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, तब गांधीवादी शांति और राष्ट्रीय शक्ति का संतुलन ही एकमात्र सुरक्षा कवच है। गवर्नर के अनुसार, शांति बनाए रखने के लिए देश का सामर्थ्यवान होना अनिवार्य है ताकि कोई भी शत्रु राष्ट्र भारत की संप्रभुता को चुनौती न दे सके।
शास्त्रीजी को याद करते हुए गुप्ता ने 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान उनके नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने शास्त्री के जीवन की सादगी और राजनीतिक ईमानदारी को आज के राजनेताओं के लिए एक मानक बताया। ताशकंद में शास्त्री के निधन का जिक्र करते हुए उन्होंने दुख व्यक्त किया कि उनकी मृत्यु के रहस्य आज भी अनसुलझे हैं। इस कार्यक्रम में उप-मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर, प्रतिभा सिंह और शिमला के मेयर सुरेंद्र चौहान सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।





Comments (0)
No comments yet. Be the first!